व्रत कथा (संक्षेप में)
पद्म पुराण बताता है कि मुर नाम के दानव ने देवताओं को स्वर्ग से निकाल दिया था। विष्णु उसकी सेना से लड़े और फिर बदरिकाश्रम में सिंहावती नाम की एक लंबी गुफा में, जिसका एक ही द्वार था, विश्राम करने चले गए। मुर उन्हें सोते में मारने पीछे आया, पर विष्णु की अपनी शक्ति से जन्मी एक तेजस्वी कन्या उनके शरीर से प्रकट हुई और उसने एक हुंकार से मुर को भस्म कर दिया। जागकर विष्णु ने उसे वर देना चाहा। उसने माँगा कि उसके दिन व्रत रखने वालों की सहायता और कल्याण हो। वही एकादशी थी, और यह दिन उसके जन्म के रूप में याद किया जाता है।